चमोली I भारतीय थल सेना (आर्मी चीफ) के प्रमुख जनरल बिपिन सिंह रावत आज सुबह बदरीनाथ धाम पहुंचे और भगवार बदरी की आराधना की। 
जानकारी के मुताबिक सेना प्रमुख सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर बदरीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंचे। नौ बजकर पांच मिनट पर वह परिवार सहित बदरीनाथ मंदिर पहुंचे। इसके पांच मिनट बाद मंदिर के गर्भ गृह में पूजा का दौर शुरू हुआ।

इसके बाद तय कार्यक्रम के अनुसार सेना प्रमुख हर्षिल हेलीपैड पहुंचेंगे। जहां वह पत्नी और बेटी संग गंगोत्री धाम के दर्शन करेंगे। सेना प्रमुख आज परिवार के साथ हर्षिल में रात्रि विश्राम कर सकते हैं। सेना प्रमुख के दौरे को लेकर हर्षिल आर्मी ने सुरक्षा व्यवस्था की चाक चौबंद की हुई है।

आर्मी चीफ ने पत्नी व बेटी संग किए बाबा केदार के दर्शन
जनरल बिपिन सिंह रावत ने पत्नी व बेटी संग केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। इसके बाद वह जोशीमठ के लिए रवाना हुए। यहां रात्रि प्रवास के बाद सेना प्रमुख के दौरे को लेकर जोशीमठ आर्मी कैंपस जीरो जोन में तब्दील किया गया है।

बुधवार को सुबह नौ बजकर 05 मिनट पर थल सेना के प्रमुख जनरल बिपिन सिंह रावत सेना के हेलीकॉप्टर से केदारनाथ वीवीआईपी हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह मंदिर पहुंचे। मुख्य पुजारी केदार लिंग ने जनरल रावत के हाथों बाबा केदार की पूजा अर्चना कराई। इसके बाद वह गर्भगृह से बाहर आए और मंदिर की परिक्रमा की। उन्होंने श्रद्धालुओं, मंदिर समिति के पदाधिकारियों, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती व पुरोहितों से भी बातचीत कर यात्रा के बारे में पूछा। दिव्य शिला के दर्शन करने के साथ ही उन्होंने धाम में आदिगुरु शंकराचार्य समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कर रहे कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी व यूथ फाउंडेशन के मनोज सेमवाल ने विस्तार से जानकारी ली।
इसके बाद सुबह 10.30 बजे सेना प्रमुख जनरल रावत केदारनाथ से जोशीमठ के लिए रवाना हुए। उनके साथ दो अन्य सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे। सुबह 10 बजकर 56 मिनट पर सेना प्रमुख बिपिन रावत पत्नी व बेटी संग हेलीकॉप्टर से जोशीमठ में सेना के हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद वह वाहन से औली रोड पर स्थित सेना के गेस्ट हाउस पहुंचे।
  
पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे उनकी पत्नी और बेटी औली के सैर-सपाटे पर गए। उन्होंने चीयर लिफ्ट से औली स्लोप का दीदार किया। करीब एक घंटे तक औली में रहने के बाद वह जोशीमठ में सेना के गेस्ट हाउस पहुंचे। जबकि सेना प्रमुख दिनभर गेस्ट हाउस में ही सैन्य अधिकारियों के साथ रहे। बुधवार को वह जोशीमठ में रुके। मीडिया कर्मियों को भी आर्मी कैंपस में जाने की अनुमति नहीं दी गई। 
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