देहरादून I उत्तराखंड में प्रस्तावित बिजली टैरिफ पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि टैरिफ को लेकर सुनवाई के साथ ही अन्य सभी तैयारी विद्युत नियामक आयोग ने पूरी कर ली थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से टैरिफ जारी नहीं किया जा सका। इस माह भी इस पर कोई फैसला न होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो इस बार उपभोक्ताओं को बढ़े बिजली दरों से राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, हर साल विद्युत नियामक आयोग बिजली की नई दरें घोषित करता है। इसके लिए बिजली कंपनियों यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल के प्रस्तावों पर विचार करने के बाद नियामक आयोग जन सुनवाई करता है और इसके बाद बिजली नई दरें घोषित करता है।

बिजली कंपनियों के प्रस्तावों के साथ ही जनसुनवाई का कार्य भी नियामक आयोग पूरा कर चुका है। बस अब इस पर अंतिम मुहर लगाकर दरें घोषित करनी थी। नियामक आयोग ने पहले इसके लिए मार्च के अंतिम सप्ताह में घोषणा करनी की बात कही थी। जिससे के बाद अप्रैल से नई दरें घोषित होनी थी।

लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद
लेकिन ऐन वक्त पर कोरोना का संकट छा जाने और लॉकडाउन होने के कारण नियामक आयोग को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी। टैरिफ पर सभी कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन फिलहाल नया टैरिफ घोषित करने पर अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

सूत्रों की माने तो लॉकडाउन और कोरोना संकट को देखते हुए फिलहाल नियामक आयोग इस बार नया टैरिफ लागू करने से हाथ पीछे खींच सकता है। जिससे प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि नियामक आयोग का कहना है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।

यूपीसीएल ने 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का दिया है प्रस्ताव
नए टैरिफ में यूपीसीएल ने अपनी खर्चों आदि को शामिल करते हुए बिजली के दरों में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव नियामक आयोग को दिया है। इसके अतिरिक्त यूजेवीएनएल और पिटकुल ने भी अपना प्रस्ताव नियामक आयोग को सौंपा है।

टैरिफ से संबंधित सभी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। लेकिन अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लॉकडाउन की वजह से अभी तक नया टैरिफ लागू नहीं किया गया है। जल्द ही इस पर फैसला होने की उम्मीद है।
- नीरज सती, सचिव विद्युत नियामक आयोग


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