शासन की ओर से देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी भी जारी की गई है। शिक्षा सचिव के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों को कहा गया था कि वे बताएं कि किन विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक हैं और कहां कमी हैं।
दस जिलों ने इसमें बेहतर काम किया है और तीन जिलोें का काम संतोषजनक नहीं पाया गया है। इन तीनों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई है और फिर भी इनका प्रदर्शन नहीं सुधरा तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
2022 तक कोई स्कूल नहीं होगा भवन विहीन
बताया गया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 2022 तक सभी स्कूलों को भवन, फर्नीचर, पेयजल आदि उपलब्ध कराया जाना है। प्रदेश में 50 ऐसे विद्यालय हैं, जिनके पास अपने भवन नहीं हैं। इसी तरह प्रत्येक स्कूल में फर्नीचर, शौचालय, पेयजल आदि की व्यवस्था भी की जानी है। इसके लिए होमवर्क किया जा रहा है और राज्य वित्त के अतिरिक्त, नाबार्ड आदि से भी मदद ली जाएगी। इसके बाद शेष बची धनराशि की व्यवस्था को जुटाने के लिए तरीका निकाला जाएगा।
थर्ड पार्टी एसेसमेंट के लिए जल्द तय होगी एजेंसी
शिक्षा विभाग ने अब स्कूलों के लर्निंग आउटकम को लेकर थर्ड पार्टी एसेसमेंट की ओर भी कदम बढ़ा लिया है। शिक्षा सचिव के मुताबिक जल्द ही एक जिम्मेदार एजेंसी का यह काम सौंपा जाएगा।
25 नवंबर को सीएस करेंगे समीक्षा
25 नवंबर को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह शिक्षा से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणाओं और अन्य मामलों की समीक्षा करेंगे। बुधवार को शिक्षा सचिव ने इस संदर्भ में अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
Post A Comment: