नई दिल्ली: पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को लगता है कि अगर लोकेश राहुल टी20 में पांचवें नंबर पर कुछ दफा विफल हो जाता है तो भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें इस स्थान पर बरकरार नहीं रखेगा, जबकि कि महेंद्र सिंह धोनी के युग में होता था जब हर किसी को पर्याप्त मौके दिए जाते थे. सहवाग ने ‘क्रिकबज’ से कहा, ‘अगर लोकेश राहुल पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए चार बार विफल रहता है तो मौजूदा भारतीय टीम प्रबंधन उनका स्थान बदलने की कोशिश करेगा. हालांकि धोनी के साथ ऐसा नहीं होता था. वह जानते थे कि खिलाड़ियों का ऐसे हालात में समर्थन करना कितना अहम होता है, क्योंकि वह खुद इस मुश्किल दौर से गुजरे थे.’
'धोनी खिलाड़ियों का फुल सपोर्ट करते थे'
सहवाग से पूछा गया था कि क्या अब टीम में खिलाड़ियों को लेकर धैर्य कम हो गया है. इस पर सहवाग ने कहा, ‘जब एमएस धोनी कप्तान थे तो बल्लेबाजी इकाई में हर खिलाड़ी के स्थान के संबंध में काफी स्पष्टता रहती थी. वह प्रतिभा के पारखी थे और उसने उन खिलाड़ियों को पहचाना जो भारतीय क्रिकेट को आगे लेकर गए. उन्हें पता था कि ये उनके ओपनर हैं, ये उनके लिए मिडिल ऑर्डर में खेलेंगे. वे खुद नंबर 5 पर आते थे फिर केदार जाधव नंबर 6 पर और फिर हार्दिक पंड्या या रवींद्र जडेजा. तो वे नीचे आने वाले बल्लेबाजों को बैक करते थे. अगर केएल राहुल 5वें नंबर पर अगर लगातार 4 पारियों में नहीं चलते हैं तो विराट कोहली उन्हें बदलते हुए नजर आएंगे. ऐसा एमएस धोनी के समय नहीं होता था. वे (धोनी) खुद वहां पर खेला करते थे.'
धोनी की मदद से रोहित को मिला फायदा
सहवाग ने रोहित शर्मा की कामयाबी की एक बड़ी वजह महेंद्र सिंह धोनी को भी माना. उन्होंने कहा कि पहले रोहित मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे यहां पर खेलना मुश्किल काम होता है. ऐसे में उनकी औसत और रन कम थे. नंबर 4,5 और 6 पर खेलने के लिए बल्लेबाजी मुश्किल होता है. पता नहीं होता है कि बल्लेबाजी कब आएगी और कितने ओवर मिलेंगे, लेकिन ओपनिंग करने पर चौके-छक्के लगाने की काबिलियत बढ़ जाती है. ऐसे में रोहित को ऊपर आने का फायदा मिला.
बता दें कि धोनी ने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी में रोहित शर्मा को मिडिल ऑर्डर के बजाए ओपनर के रूप में प्रमोट किया था.
ओपनर बनने के बाद बदला रोहित का करियर
रोहित शर्मा ने 2013 तक 108 पारियों में 36.07 की औसत व 78.88 की स्ट्राइक रेट से 3174 रन नबाए. इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 20 अर्धशतक लगाए थे. 209 रन उनका सर्वोच्च स्कोर था. लेकिन साल 2014 से लेकर अभी तक उन्होंने 108 पारियों में 5822 रन बनाए और 24 शतक व 23 अर्धशतक लगाए. इस दौरान उनका औसत 60.65 का रहा और स्ट्राइक रेट 95.38 है. 264 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा.


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