चाँद दिखा, उर्स की तैयारियां मुकम्मल 

उर्स का शुभारम्भ खानकाह शैखुलआलम में सज्जादानशीन शाह मोहम्मद अली आरिफ़ उर्फ सुब्बू मियां ने 5 गोले दाग कर किया ।

क़ाज़ी इबाद शकेब,शाह आमिर की रिपोर्ट

रुदौली अयोध्या
रुदौली नगरी को सूफी संतों ने अपनी तपस्थली का केंद्र बनाया उनमे महान सूफी मख्दूम अब्दुल हक़ साहिबे तोशा अल्हिर्रहमा (मख्दूम साहब) बहुत मशहूर है महान सूफी संत का 603वां ऐतिहासिक  उर्स  7 फरवरी से 10 फरवरी 2020  तक चलेगा जिससे भारी संख्या में श्रद्धालु आते है । मख्दूम साहब का जन्म वर्ष 1356 में हुआ था जिनका ख़ानदानी रिश्ता हज़रत उमर से मिलता है  मख्दूम साहब के पुत्र हज़रत शेख आरिफ थे जिनके शिष्य विश्वप्रसिद्ध संत अब्दुल कुद्दूस गंगोही थे जिनकी दरगाह सहारनपुर के गांगोह कस्बे में है 
मख्दूम साहब के पीर हज़रत जलालुद्दीन कबीरु औलिया थे जिनकी दरगाह पानीपत में है हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक मख्दूम साहब की महफ़िल में ईश्वरी चर्चा होती है उनके शागिर्दों में विशेष रूप से बख्तियार मख्दूम हैं जो उनके साथ हक़ हक़ कहते हुये चलते थे ।
मख्दूम साहब ने 6 माह तक अयोध्या के पवित्र  सरयू नदी में एक पैर से खड़े होकर अल्लाह की इबादत की जिससे खुश होकर अल्लाह ने हज़रत अली के हाथो से दुआऐ हैदरी अता की ।
मख्दूम साहब की मजार मोहल्ला 
मख्दूम ज़ादा में स्तिथ दरगाह शरीफ में है क़दीम ख़ानक़ाह में जो महफ़िल समा होती है उसमें हिंदी फारसी, व ऊर्दू  में कव्वाल गायन करते हैं। बाबा को अपने पीर हज़रत जलाउद्दीन से ख़िरका मिला जो सदियों से उसी तरह हैं ।
शाह शम्स तबरेज़ उर्फ शम्मू मियां ने बताया कि कल शाम को चाँद दिखाई दिया जिसमे शाह नोमान मियां की तरफ से  क़दीम खानकाह हज़रत शैखुलआलम में पांच गोले दगा कर  बाकायदा 603वां उर्स मख्दूम अब्दुल हक़ साहिबे तोशा अल्हिर्रहमा के चार रोज़ा प्रोग्राम की शुरुआत हुई प्रोग्राम निम्न लिखित है ।

7 फरवरी 2020 बाद नमाज़ फज्र कदीम मस्जिद हज़रत शैखुलआलम में कुरआन ख्वानी होगी, महफ़िल ए समां क़दीम खानकाह हज़रत शैखुलआलम में वा दरगाह शरीफ़ में होगी

8 फरवरी 2020 बाद नमाज़ अस्र जियारत गागर शरीफ़, बाद नमाज़ मगरिब चिरागदान,  बाद नमाज़ ईशा महफ़िल-ए-समां वा कुल 2 बजे रात क़दीम खानकाह हज़रत शैखुलआलम |

9 फरवरी 2020 शैखुल आलम कॉन्फ्रेंस वा तकरीबे रस्मे इजरा सुबह 9 बजे क़दीम खानकाह हज़रत शैखुलआलम, बाद नमाज़ ज़ोहर  महफ़िल-ए-समां, बाद नमाज़ अस्र जियारत ख़िरका  शरीफ़ (बड़ा ख़िरका)  व तबर्रुकात की जियारत सज्जादा नशीन शाह मोहम्मद अली आरिफ उर्फ़ सुब्बू मियाँ कराये गे ||

10 फरवरी 2020 बाद नमाज़ फज्र ग़ुस्ल दरगाह मखदूम अब्दुल हक़,  बाद नमाज़ ज़ोहर महफ़िल-ए-समां बड़ा रौज़ा हज़रत शैखुल आलम में ।
इस मौके पर शाह मोहम्मद अली आरिफ उर्फ सुब्बू मियां, शाह शम्स तबरेज़ उर्फ शम्मू मियां, शाह ओवैस अहमद, शाह नोमान अहमद, शाह वसी अहमद, शाह आमिर ,शाह सईद अहमद, शाह नासिर,शाह फरीद अहमद, शाह मोहम्मद अहमद, शाह शबीह अहमद, अम्मू मियां, शाह ईमान अहमद, सईद अहमद, शफ़ीक़, शादाब, अरशद , यूनुस आदि लोग मौजूद थे ।
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