स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.अमिता उप्रेती का कहना है कि वायरस के लक्षण बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया है। ये लक्षण आमतौर पर सर्दियों के मौसम में मरीजों में होते हैं। जिससे वायरस का पता लगाना मुश्किल है। वायरस का असर पर 1 से 15 दिन का रहता है। पांच दिन के बाद ही वायरस के लक्षण का पता लग सकता है।
ये हैं बचाव के तरीके
कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरों में फैलता है। रोग से संक्रमित मरीज को खांसते व छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढकना चाहिए। बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अवश्य धोएं। अधिक मात्रा में पानी पीएं। कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं।
केंद्र ने जाना तैयारियों का हाल
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार से वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बातचीत की। केंद्र ने नेपाल सीमा से सटे जनपदों में सर्वाधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बताया कि जनपद चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में प्रभावित देशों से आने वाले पर्यटकों पर निगरानी के लिए सीमा क्षेत्र में मेडिकल टीमें लगाई गई हैं।
सभी एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम के साथ एंबुलेंस तैनात कर दी हैं। कोरोना वायरस रोगियों के उपचार के लिए सभी जिलों में कुल 169 आईसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सचिव पंचायत को निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी को मेडिकल टीमों के साथ समन्वय बनाने को कहा है।
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