देहरादून। कोरोना वायरस के दृष्टिगत 14 अप्रैल तक घोषित लॉकडाउन के कारण दिल्ली में फंसे उत्तराखंड के निवासियों को लेकर राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। इन लोगों के रहने-खाने और गंतव्य तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है।
अपर स्थानिक आयुक्त दिल्ली को यह राशि आवंटित किए जाने के संबंध में शासन ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के रहने, खाने की व्यवस्था और गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
लॉकडाउन को देखते हुए काफी संख्या में उत्तराखंड के निवासी दिल्ली में फंसे हैं। इनमें ज्यादातर वे लोग शामिल हैं, जो दूसरे प्रदेशों में रह रहे हैं और लॉकडाउन के मद्देनजर अपने गांव आ रहे थे। हालांकि, काफी संख्या में ऐसे लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन अभी भी कई वहां फंसे हैं।
इन लोगों को निकालने के लिए प्रदेश सरकार ने 50 लाख रुपए की राशि जारी की है। इस संबंध में सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक दिल्ली में फंसे उत्तराखंड के निवासियों के लिए भोजन, रहने और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाएगा। सीएम के निर्देशों के क्रम में विभिन्न राज्यों से दिल्ली में फंसे उत्तराखंड के 84 लोगो को तीन बसों से देहरादून, हल्द्वानी तथा टनकपुर पहुंचाया गया।
अब राज्यों में फंसे उत्तराखंडियों को जल्द राहत की उम्मीद
पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों में अध्ययनरत उत्तराखंड के छात्रों के साथ ही अन्य लोगों की परेशानी बढ़ गई है। घर वापसी के साथ में रहने व खाने को लेकर उन्हें मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। राजस्थान के कोटा में कोचिंग ले रहे कई छात्र फंसकर रह गए हैं।
राहत की बात ये है कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत छात्रों की मदद के लिए आगे आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक छात्र से दूरभाष पर बातचीत कर भरोसा दिलाया कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार से वार्ता कर समाधान निकालेंगे।


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