गुवाहाटी. विदेश में फंसे असम  के लोगों के लिए अच्छी खबर है. सरकार ने फैसला किया है कि वहां के जो भी लोग कोरोना वायरस  के चलते विदेश में फंसे हैं उन्हें दो हज़ार डॉलर यानी करीब 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. मदद सिर्फ उन लोगों को दी जाएगी जो पिछले एक महीने से विदेश में फंसे हैं. पैसे स्टूडेंट और नौकरी करने वाले दोनों तरह के लोगों को दिए जाएंगे. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिश्व सरमा ने इसका ऐलान किया.

ये हैं शर्ते
असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिश्व सरमा ने कहा, 'हमने राज्य के निवासियों को 2,000 डॉलर ट्रांसफर करने का फैसला किया है जो एक महीने से विदेश में फंसे हैं और कोरोनोवायरस के चलते देश लौटने में असमर्थ हैं.' मंत्री के मुताबिक इस बारे में जल्दी ही लोगों को ई-मेल से जानकारी दी जाएगी. उन्होंने ये भी कहा कि 31 मार्च तक सरकारी ऑफिस के सिर्फ 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए आना होगा जबकि बाकी घर से काम करेंगे. लेकिन स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं, बिजली, पानी की आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों में काम करने वाले लोगों को ऑफिस आना पड़ेगा.

अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं
असम में अभी तक 57 लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है. शुक्रवार तक 1003 लोग घर पर क्वारंटाइन हैं, जबकि 41 लोगों को अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया है. इसके अलावा सरकार ने 31 मार्च तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है. इसके अलावा परीक्षाएं स्थगित करने का आदेश जारी किया गया है. सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, सैलून, कोचिंग सेंटरों को पहले से ही बंद कर दिया गया है.

टाले गए चुनाव
कोरोना वायरस के चलते बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद् (बीटीसी) का चुनाव टाल दिया गया है.  बीटीसी के 40 क्षेत्रों में चुनाव चार अप्रैल से होना था और अब इसके अप्रैल आखिर तक होने की संभावना है.
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