देहरादून। राज्य सरकार ने कोरोना के खतरे से निपटने के लिए 14 अप्रैल के बाद के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इसमें पूरे प्रदेश में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन और 15 मई तक सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रखने का प्रस्ताव है। साथ ही, सुरक्षित शरीरिक दूरी के नियम को सख्ती से 31 मई तक जारी रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया जाएगा। एक भी कोरोना पॉजिटिव केस वाले जिले को बी-कैटेगरी में शामिल कर जिले के भीतर और बाहर आवाजाही पूरी तरह बंद रखी जाएगी। चिह्नित हॉटस्पॉट में किसी तरह की ढील के बगैर पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। लॉकडाउन के दौरान सीमित तरीके से औद्योगिक, निर्माण व खनन, स्टांप-रजिस्ट्रेशन की गतिविधियों को जारी रखने की सिफारिश भी की गई है। इस पर केंद्र की अनुमति के बाद ही राज्य सरकार कदम आगे बढ़ाएगी।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस कार्ययोजना को प्रस्तुत करेंगे। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक ही सरकार कार्ययोजना का पालन करेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को उनके आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में कोरोना वायरस के संबंध में 14 अप्रैल के बाद की रणनीति पर मंथन किया गया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव अमित नेगी व नितेश झा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में 17 बिंदुओं की कार्ययोजना तैयार की गई। इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
पूरे प्रदेश को 30 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू कर धारा 144 के दायरे में लिया जाएगा। इस दौरान राज्य व जिलों के भीतर और बाहर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। सिर्फ मालवाहक वाहनों को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक आवाजाही में छूट रहेगी। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से जुड़ी दुकानें, प्रतिष्ठान को रियायत मिलेगी। सरकार ने कोरोना केस के आधार पर जिलों को दो कैटेगरी में बांटा है।


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