देहरादून I लगातार दूसरे दिन भी एक भी कोरोना पॉजिटिव का केस न आने से उत्तराखंड सरकार ने राहत की सांस ली है। तसल्ली वाली बात यह है कि उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की दर राष्ट्रीय औसत से कम है। देश में यह दर प्रति 100 टेस्ट में 3.5 कोरोना पॉजिटिव की है, जबकि उत्तराखंड में अभी यह ढाई फीसदी के आसपास है। लेकिन पिछले एक पखवाड़े में जिस तरह से कोरोना पॉजिटिव मामलों का सूचकांक ऊपर चढ़ा है, उसने सात मामलों के इलाज में सफलता हासिल करने वाले तंत्र को चिंतित कर दिया है।
ये हैं आंकड़े
अप्रैल माह नेगेटिव केस पाजिटिव केस टोटल केस संक्रमित दर
01 505 07 512 1.37
02 579 10 589 1.70
03 671 16 687 2.33
04 724 22 746 2.95
05 868 26 894 2.91
06 966 31 997 3.11
07 1092 31 1123 2.76
08 1189 35 1224 2.86
09 1235 35 1270 2.76
10 1320 35 1355 2.58
नोट: कोरोना पॉजिटिव केस के मामले में उत्तराखंड राष्ट्रीय औसत 3.5 की तुलना में अभी कम है।
संक्रमण का खतरा बरकरार, बढ़ाने होंगे टेस्ट
राज्य में कोरोना के संक्रमण का खतरा बरकरार है। सरकार इस मामले में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इसलिए उसके स्तर पर जांच का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी है। जानकारों का मानना है कि कोरोना संक्रमण की असल तस्वीर तो तभी सामने आएगी, ज्यादा लोगों की जांच होगी। अभी उत्तराखंड में हर दिन औसतन 150 सैंपल कोरोना की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इस बीच सरकार देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर में 14 आवासीय स्थलों को हॉटस्पॉट घोषित कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 40413 लोगों को घरों में क्वारंटीन किया जा चुका है। 3770 लोग विभिन्न संस्थाओं में क्वारंटीन किए गए हैं। सरकार पर सबसे बड़ा और पहला दबाव क्वारंटीन किए गए 44 हजार से अधिक लोगों का कम से कम रेपिट एंटी बाड़ी टेस्ट कराए जाने का है। इसके लिए अभी सरकार इंतजाम ही जुटा रही है।


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