उत्तरकाशी । पर्वतारोहण के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। विगत दो साल पहले गंगोत्री क्षेत्र की चार अनाम व कभी न चढ़ी गई चोटियों को एकसाथ फतह करने पर संस्थान का नाम लिमका बुक ऑफ इंडिया रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। जिसका प्रमाण पत्र कुछ दिनों पूर्व ही संस्थान के अधिकारियों को मिला है।

बता दें कि निम और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा के संयुक्त तत्वाधान में अक्टूबर 2018 को पर्वतारोहण अभियान किया गया था। निम के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में हुए इस अभियान में पर्वतारोही टीम ने गंगोत्री घाटी स्थित 6566 मीटर, 6557 मीटर, 6126 मीटर और 6086 मीटर ऊंची चार अनाम व कभी न चढ़ी गई चोटियों पर तिरंगा फहराया था।

गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भी भेजेंगे नाम
जो अपने आप में एक कीर्तिमान था। निम के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम ने आईएमएफ से इस अभियान की जानकारी जुटाकर इसका परीक्षण किया था। जिसके आधार पर बीते कुछ दिन पहले ही इस रिकॉर्ड को दर्ज कर संस्थान को प्रमाण पत्र सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा अब इस अभियान को गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त 2019 में गंगोत्री क्षेत्र में किये गए मुम्बा पीक अभियान को भी लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भेज गया है। जिसका परिणाम जल्द ही आ जायेगा। उन्होंने इस सफलता के लिए सभी लोगों का आभार प्रकट किया और भविष्य में लगातार नए मुकाम हासिल करने का  भरोसा दिया।


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