ऋषिकेश I कोरोना का डर आम आदमी ही नहीं, चिकित्सा जगत के लोगों को भी सता रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स ) मेडिकल कॉलेज में छुट्टी की मांग को लेकर देर रात करीब 250 मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज कैम्पस में उतर आए। छात्रों ने रात करीब 10 बजे प्रदर्शन शुरू कर दिया। 
छात्रों का कहना था कि जब देश भर में अधिकतर कॉलेजों को बंद कर दिया गया है तो फिर उन्हें क्यों छुट्टी नहीं दी जा रही। ज्यादातर एम्स में छुट्टियां घोषित कर दी गईं है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा घर वालों को मेल का भी जवाब नहीं दिया जा रहा है। इस बात से वे चिंतित हैं। कहीं उनके बच्चे संक्रमित न हो जाएं। छात्रों का कहना था कि वे मेडिकल के स्टूडेंट्स हैं, इसलिए उनका अस्पताल में आनाजाना लगा रहता है।
 
छात्रों का आरोप है कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के साफ आदेश हैं कि छात्रों को इन दौरान उनके घरों को भेज दिया जाए। लेकिन एम्स प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है। 

खबर लिखे जाने तक रात 12 बजे तक करीब 250 छात्र एम्स परिसर स्थित बॉयज होस्टल बिल्डिंग नम्बर 78 के बाहर जमा थे। इस दौरान एम्स प्रशासन द्वारा छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था।

देर रात डीन, स्टूडेंट वेलफेयर ने छात्रों से की बातचीत। सुबह डायरेक्टर से बातचीत का भरोसा दिलाया। इसके बाद छात्र अपने-अपने हॉस्टल में लौट गए।  

इस दौरान कई बार एम्स प्रशासन के जनसम्पर्क अधिकारी हरीश थपलियाल से कई बार बात करने की कोशिश की गई, व्हाट्सएप पर मैसेज भी भेजा। लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया।
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