दरअसल, पनियाला गांव का युवक जमात से 31 मार्च की सुबह नारसन बॉर्डर पहुंचा। यहां से उसके भाई और बुआ के बेटे कार से उसे गांव के बाहर तक ले आए। डॉक्टरों की टीम को खुद फोन कर बुलाने वाले गांव के मोमिन अंसारी बताते हैं कि करीब ढाई घंटे बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जमाती का चेकअप किया। युवक ने यह भी बताया था कि उसे तबीयत खराब लग रही है। इस पर उसका तापमान आदि चेक कर डॉक्टरों ने कहा था कि फिलहाल वह घर जा सकता है, लेकिन परिवार वालों से अलग रहे।
जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। लिहाजा युवक घर गया और एहतियातन सीधे बाथरूम में नहाने चला गया। इसके बाद आंगन में बैठकर नाश्ता किया। इस दौरान माता-पिता और भाई-बहनों समेत परिवार के सात लोग आसपास ही थे। करीब 45 मिनट बाद ही अचानक घर के बाहर एंबुलेंस पहुंची और युवक को अस्पताल ले गई।
वहीं, शनिवार को जब युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई तो पूरे गांव में दहशत फैल गई। हरकत में आए प्रशासन ने युवक के परिवार के सात लोगों को कलियर के एक गेस्ट हाउस में आइसोलेट कर दिया। साथ ही पूरा गांव सील कर उस 45 मिनट में युवक का चेकअप कराने वाले मोमिन और उनके परिवार के सदस्यों समेत उनके संपर्क में करीब 42 ग्रामीणों को भी गांव से ले जाकर कलियर में क्वारंटीन कर दिया।
Post A Comment: