हरिद्वार I हरिद्वार में नारसन ब्लॉक में जिला समाज कल्याण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात कर्मचारी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर फर्जी शिक्षण संस्थान बनाकर 16.69 लाख की छात्रवृत्ति की रकम हड़पी थी।
एसआईटी ने छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। एसआईटी ने किरन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (संबद्ध मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन, हिमाचल प्रदेश) ग्राम तांशीपुर रुड़की की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया था कि शिक्षण संस्थान ने वर्ष 2013-14 में 16.69 लाख रुपये की छात्रवृत्ति ली थी।

इस संबंध में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसआईटी के एसआई राजीव उनियाल ने शिक्षण संस्थान के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस नाम का कोई शिक्षण संस्थान ही नहीं है। 

एसआईटी ने मानव भारती विश्वविद्यालय से संपर्क साधा तो सामने आया कि इस नाम के शिक्षण संस्थान को उन्होंने मान्यता नहीं दी है। जांच में पता चला कि जिस खाते में छात्रवृत्ति की रकम ट्रांसफर की गई, उसका संचालन सुभाष पुत्र बाबू राम और उसकी पत्नी किरन देवी निवासी गांव पनियाला रुड़की करते थे।

संस्थान में दाखिले लेने वाले छात्रों के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि उन्होंने कभी दाखिला लिया ही नहीं। एसआईटी ने आरोपी दंपति को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी के अनुसार, आरोपी सुभाष ही छात्रवृत्ति हड़पने का मास्टर माइंड है। वह समाज कल्याण विभाग में कार्यरत है। इसलिए उसे पूरे घोटाले की पूरी जानकारी थी। आरोपी दंपति को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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