देहरादून। प्रदेश में कोरोना वायरस के खतरे से निपटने को सरकार मुस्तैद है। नेपाल सीमा से सटी आठ चौकियों से उत्तराखंड में दाखिल होने वाले 22968 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। राज्य में फिलहाल एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना मामलों पर नजर रखने के लिए राज्य व जिला स्तर पर रेपिड रिस्पॉंस टीम गठित की गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता के लिए विशेष ग्रामसभा बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। 

प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के सिलसिले में सरकार की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार को सचिवालय में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण को रोकने के लिए हालात पर नजर रखी जा रही है। पहले चरण में प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थाओं को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय किया गया है। जरूरत के मुताबिक अगले चरणों में कदम उठाए जाएंगे। सरकार विभिन्न स्तरों पर लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। राज्य में सभी प्रमुख चिकित्सालयों व मेडिकल कॉलेजों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। वर्तमान में 337 आइसोलेशन बेड विभिन्न चिकित्सालयों में आरक्षित किए गए हैं। 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अतिरिक्त छह जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, चंपावत व पिथौरागढ़ में 801 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। किसी भी विदेशी यात्री की सुविधा के लिए राज्य के सभी होटलों को एडवाइजरी जारी की गई है। राज्य में एयरपोर्ट अथॉरिटी से तालमेल कर देहरादून, पंतनगर व पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। अब तक 41508 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कोरोना प्रभावित देशों से उत्तराखंड आने वाले 526 लोगों की सूची मुहैया कराई है। इनमें 351 लोग 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर चुके हैं। 175 लोगों में 174 घर पर और एक चिकित्सालय में निगरानी अवधि में है। 
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