नई दिल्‍ली: भारतीय क्रिकेट में संभवत: पहली बार ऐसा हो रहा है जब तेज गेंदबाज टीम के स्पिनर्स पर भारी पड़ रहे हैं और बल्‍लेबाजों को भी प्रदर्शन में कड़ी टक्‍कर दे रहे हैं. इशांत शर्मा, मोहम्‍मद शमी, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया के नए फैब फॉर हैं और विराट कोहली की कप्‍तानी में टीम की कामयाबी में इनका अहम रोल है. कोलकाता में गुलाबी गेंद से खेले टेस्‍ट में भारतीय तेज गेंदबाजों ने बांग्‍लादेशी टीम को 71.4 ओवर ही क्रीज पर टिकने दिया. उन्‍होंने मेहमान टीम की पहली पारी 30.3 ओवर में 106 रन पर समेट दी. इसके बाद दूसरी पारी में बांग्‍लादेशी बल्‍लेबाज 41.4 ओवर में निपट गए.

67 साल किसी की नहीं इतनी कम औसत
भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन ने कई रिकॉर्ड बना दिए. इस साल प्रदर्शन के मामले में इन्‍होंने तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर देशों को भी पीछे छोड़ दिया. 2019 में भारतीय पेसर्स ने 15.16 की औसत से विकेट निकाले हैं जो कि 67 साल का बेहतरीन प्रदर्शन है. पिछले लगभग 7 दशक में कोई देश इस तरह की गेंदबाजी नहीं कर पाया है. वहीं भारत के टेस्‍ट इतिहास में तेज गेंदबाजों का यह अब तक का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन है.

स्‍ट्राइक रेट में भारतीय पेसर्स के पास कोई नहीं
इस साल भारतीय तेज गेंदबाजों की स्‍ट्राइक रेट 31 की रही है जो कि सभी टीमों से बेहतर है. दूसरे नंबर पर ऑस्‍ट्रेलिया के तेज गेंदबाज (मिचेल स्‍टार्क, पैट कमिंस, जोस हेजलवुड) आते हैं और इनकी स्‍ट्राइक रेट 46.6 की है. दोनों के बीच मौजूद अंतर भारतीय फास्‍ट बॉलर्स के प्रभुत्‍व को साबित करता है.

कोलकाता टेस्‍ट में इशांत शर्मा ने पहली और उमेश यादव ने दूसरी पारी में 5 विकेट लिए थे. 38 साल बाद ऐसा हुआ था जब भारत में खेले गए टेस्‍ट की दोनों पारियों में दो अलग-अलग भारतीयों ने 5 विकेट लिए हैं. इन दोनों से पहले यह कारनामा कपिल देव और मदन लाल ने किया था.
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