मुंबई. महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ी खबर आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शिवसेना शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद देने को तैयार हो गई है. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की शुक्रवार रात हुई बैठक में पांच साल के लिए सीएम की मांग पर शिवसेना के अड़े होने पर ही बीतचीत पूरी नहीं हो सकी थी. इसके अगले ही दिन यानी शनिवार को सुबह-सुबह अजित पवार ने भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली और राज्यापाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी थी.
बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे अजित पवार
बीते शुक्रवार की देर शाम शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं की बैठक हुई थी. इस बैठक में शिवसेना के पांच साल के लिए मुख्यमंत्री की मांग पर सहमति बनी थी और उद्धव ठाकरे का नाम सीएम पद के लिए आगे किया गया था. बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर अजित पवार बैठक बीच में छोड़कर चले गए थे. शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा था कि उनके इस रवैया से हमें शक हुआ था. अगले ही दिन जब उन्होंने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली तो यह शक सच में बदल गया.
बीजेपी का 155 विधायकों के समर्थन का दावा
बाद में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने राज्यपाल के कदम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. कोर्ट में रविवार को हुई सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सोमवार को एक बार फिर सुनवाई होगी. इसी बीच बीजेपी ने दावा किया है कि उसके पास 155 विधायकों का समर्थन है. इसमें बीजेपी के 105, अजीत पवार के साथ आए 25 विधायक और 15 निर्दलीय का समर्थन प्राप्त है. वहीं विपक्ष ने दावा किया है कि उनके पास कुल 161 विधायकों का समर्थन है, जिसमें शिवसेना के 56, कांग्रेस के 44, शरद पवार की एनसीपी के 53 और 8 निर्दलीय शामिल हैं. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी राज्यपाल को विधायकों के समर्थन की चिट्ठी भी सौंपने जा रही है.


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